यशस्विनी - 40

द फोर्थ जेंडर:- चौंकते हुए स्वामी अक्षयानंद ने कहा,"यह अटपटा तो नहीं हो जाएगा और इससे कई गहरे प्रश्न खड़े हो जाएंगे।यह विचारणीय तथ्य है और अत्यंत गहरा सूत्र आप लोगों के हाथ लगा है।आज नारी केवल घर की चहारदीवारी तक सीमित नहीं है।अनेक नारियों को अपने कार्य क्षेत्र में कार्य पूरा कर देर रात्रि को घर लौटना पड़ता है।"प्रज्ञा ने कहा,"अनेक नारियां तो बाहर क्या, घर में भी सुरक्षित नहीं रहती हैं।घर के बाहर तो युवतियों की बात ही क्या,अनेक बच्चियां और वृद्धाएं भी कुछ कुत्सित पुरुषों के यौन हमलों का शिकार हो जाती हैं और ऐसे नर पिशाच उन्हें