यशस्विनी - 28

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........................रोहित एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।उन्होंने संसार से पूरी तरह वैराग्य भाव धारण कर लिया था और गुरु से तप के लिए हिमालय क्षेत्र में जाने की आज्ञा मांगी थी।कोविड 19 महामारी की खतरनाक पहली लहर के बीच रोहित 2021 के अगस्त महीने में निकल तो पड़े थे ज्ञान की खोज में लेकिन यह उनके जैसे आधुनिक विचार वाले युवक के लिए एकाएक आसान कार्य नहीं था।तार्किक मन आस्था को स्वीकार नहीं करता।वह किसी भी अलौकिक कार्य को तर्क की कसौटी पर कसना चाहता है।रोहित ने स्वामी विवेकानंद की जीवनी पढ़ी हुई है।श्री नरेंद्र भी एकाएक स्वामी विवेकानंद नहीं बन गए