मंजिल - पथक और राही - 3

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कहानी के पहलु, कभी हस्ते हुए कभी रोते हुए, अभी तो हसी का माहोल, अभी गम डूबा हुआ संसार, पर कहानियां कभी खत्म नहीं होती, किरदार आते जुड़ते है कहानियों में, और लंबी सी कहानी बनती जाती है, इसी लड़ी का...                             तीसरा भाग" तुम न हस्ते हुए बड़े ही प्यारे लगते हो..जितना तुम्हे देखती हु मेरी चाहत और बढ़ जाती है,मेरा प्यार और गहरा होता जाता है,पता नही क्या खासियत है तुजमे,के तुमसे नजरे हटती ही नहीं,ये दिल का हाल क्या ही बयां करू,मेरे दिल की हर