अधुरी खिताब का आखिरी पन्ना

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अधूरी किताब का आखिरी पन्नाभाग 1: पहाड़ों की वह धुंधली सुबहशिमला की वादियों में आज भी वही पुरानी महक थी—देवदार के पेड़ों की ताज़गी और मिट्टी की सौंधी खुशबू। आर्यन ने अपनी गाड़ी मॉल रोड के पास रोकी। दस साल बाद वह इस शहर में वापस आया था। इन दस सालों में बहुत कुछ बदल गया था, सिवाय उसके दिल के एक कोने के, जहाँ आज भी 'अनन्या' नाम की एक याद सुरक्षित थी।आर्यन अब एक सफल लेखक बन चुका था, लेकिन उसकी सबसे बड़ी कामयाबी—उसका पहला उपन्यास—अधूरा था। पब्लिशर्स कहते थे कि कहानी का अंत सुखांत (Happy Ending) होना