दो राज्यों का अमर प्रेम

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कुछ प्रेम मिलन के लिए नहीं होते,वे इतिहास बदलने के लिए जन्म लेते हैं।पितामगढ़ और रायगढ़, दो शक्तिशाली राज्य, जिनके बीच वर्षों से शत्रुता थी। कभी जिन राजाओं ने एक ही छाया में बचपन बिताया था, वही समय के साथ गलतफहमियों और अहंकार के कारण एक-दूसरे के सबसे बड़े शत्रु बन गए। युद्ध, रक्त और नफ़रत ने दोनों राज्यों की सीमाओं को नहीं, बल्कि दिलों को भी बाँट दिया।इसी शत्रुता के बीच जन्म लेती है एक ऐसी प्रेम कथा, जो किसी योजना का परिणाम नहीं, बल्कि नियति की भूल जैसी लगती है। पितामगढ़ के युवराज नील और रायगढ़ की राजकुमारी