थोड़ा तुम्हारा थोड़ा हमारा

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                                  थोड़ा तुम्हारा थोड़ा हमारा  सुमित और जूलिया दोनों एक दूसरे से बहुत प्रेम करते थे  . वे जल्द ही अपनी नयी दुनिया बसाने का सपना देख रहे थे  . एक शाम एक दूसरे का हाथ थामे पार्क की बेंच पर बैठे प्यार भरी बातें कर रहे थे  . तभी बारिश शुरू हो गयी  . पहले तो बारिश धीमी थी पर देखते देखते मूसलाधार हो गयी  . दोनों दौड़ कर  थोड़ी दूर पर स्थित एक झोंपड़ी में जा छिपे  . अँधेरा हो चुका  था