बेरंग इश्क गहरा प्यार - एपिसोड 3

  • 210
  • 72

सुबह के ठीक 5:00 बजे थे। खन्ना मेंशन के उस विशाल बेडरूम में हल्की-सी नीली रोशनी फैली हुई थी। देब की नींद अचानक खुल गई। वह कुछ पल यूँ ही छत को घूरता रहा, फिर करवट बदली… और तभी उसे एहसास हुआ— बिस्तर के दूसरे हिस्से पर कोई मौजूद है।देब का शरीर पल भर के लिए सख़्त हो गया। उसने धीरे से सिर घुमाकर देखा। पाखी। वह एक छोटे बच्चे की तरह सिमटी हुई सो रही थी। उसके चेहरे पर नींद की मासूमियत थी, माथे पर हल्की शिकन और होंठ अधखुले। बीती रात की थकान अब भी उसके चेहरे पर