अदाकारा - 67

  • 309
  • 111

*अदाकारा 67*  कातिल हॉल में आ चुका था।और अब वह शर्मिला के खून से सने चाकू से बृजेश पर हमला करने के लिए ठीक बृजेश के पीछे आकर खडा हो गया जहां बृजेश बेहोश शर्मिला को अपने गले से लगाए हुए बैठा था।और “शर्मी..शर्मी..शर्मी.”कहकर शर्मिला को पुकार रहा था। कातिल ने बृजेश की पीठ के पीछे खड़े होकर अपना चाकू वाला हाथ बृजेश पर हमला करने के लिए जैसे ही उठाया।ठीक उसी वक्त सुनील ने अपने घर में पांव रखा।उसने देखा की कातिल इंस्पेक्टर पर वार करने जा रहा है तो उसने स्फूर्ति से दौड़ कर कातिल का चाकू वाले हाथ की