Next ep,,,,, मुरीद दात पिस्ते हुए "अपनी जुबां पे अटल रहना क्योंकि अगली बार जुबां ही नही रहेगी" और झिड़कते हुए छोड़ दिया। अब आगे,,,जंगली कन्फ्युज होकर सबको टक टकी लगाएदेखते हुए चमड़ी के पास खिसक कर धीरे सेफुसफुसाया "वैसे एक बात पूछूं?" चमड़ी उसे डपट कर "तू चुप रह बे " जंगली मुंह बनाते हुए "अरे पूछने तो दो" चमड़ी दात पिस्ते हुए "जल्दी बक साले" जंगली एक मिनट सोच कर "मैं क्या पूछ रहा था ?" वो जो पूछने वाला था भुल भी गया। चमड़ी का मन किया उसका सिर फोड़ दे कम से कम इसी बहाने डॉक्टर उसके दिमाग का सिस्टम सही कर