तेरा लाल इश्क - 26

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कृषभ दोनों हाथों में गन लिए "आज तुम सबको पता चलेगा काम के बीच बेक्काम के लोग मुझे कितना नापसंद है" और ढीसक्याव के साथ सूट कर दिया।"बचाओ,,,," कनंत काशी से और कृषि रिहा से लिपटकर जोर से चीख पड़े।"अबे चुप,,,," कृषभ उन दोनों पर भड़का। अब आगे,,,"क्या हुआ चिल्ला क्यू रहे तुम दोनो?" कृभीन,, भीनी,,रिहा,, काशि,, कन्फ्यूज होकर देखते हुए बोले।"ऊलजुलूल ही चल रहा था दिमाग में और क्या ही होगा" आशना आते हुए बोली।कृषि और कनंत बड़ी बड़ी आंखे कर हैरानी से सबकी ओर देखे फिर कृषभ के हाथों को देख राहत की सांस लेते हुए एक दूसरे