तुमसे मिलने की छुट्टी - 11

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“पहला प्रोजेक्ट… और दिल से दिया गया सरप्राइज़”  का सुबह सूरज आज कुछ ज़्यादा ही चमकदार था।जिया जल्दी उठ गई थी—आज “हमारा जहाँ” का पहला आधिकारिक प्रोजेक्ट शुरू होना था।किचन में चाय बनाते हुए उसकी उँगलियाँ हल्की-सी काँप रही थीं—उत्साह और डर… दोनों साथ थे।आयुष पीछे से आया।“आज बड़ी लीडर मैडम का दिन है?”जिया मुस्कुराई।“अगर डर न लगे तो सपना अधूरा लगता है।“हमारा जहाँ” — पहला प्रोजेक्ट कम्युनिटी सेंटर में बच्चों और पत्नियों की छोटी-सी भीड़ थी।बोर्ड पर लिखा था—“कहानियाँ जो हिम्मत बनें”जिया ने सबको समझाया—“आज हम अपनी कहानियाँ साझा करेंगे।दर्द भी… और उम्मीद भी।”एक महिला बोली“मैंने कभी अपनी बात कही