गली नंबर 11

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गली नंबर 11 में सुबह की शांति केवल तभी टूटती थी जब भाभी जी की हँसी हवा में फैलती, और वही हँसी इतनी असरदार थी कि मोहल्ले के लोग किसी अलार्म या मोबाइल के बिना जाग जाते; कहते थे, अगर भाभी मुस्कुरा दें, तो दूध भी अपने आप फट जाएगा। पप्पू हमेशा अपनी खिड़की के पास खड़ा नेटवर्क ढूँढता, लेकिन असल में उसकी नज़र हमेशा छत पर आने वाली भाभी पर रहती। जब भाभी बाल सुखाती हुई छत पर आतीं, पप्पू की धड़कनें इतनी तेज़ हो जातीं कि लगता था दिल उसके सीने से बाहर निकलने वाला है। खुद से