जंगल के उस हिस्से में लोग कदम रखने से डरते थे। उसे “शिकार वन” कहा जाता था। कहा जाता था कि वहाँ एक ऐसा बंदर रहता है जो साधारण जानवर नहीं है, बल्कि किसी पुराने श्राप का जीवित रूप है। लोग फुसफुसाते थे कि वह बंदर जवान औरतों की बलि चढ़ाता है, ताकि जंगल में उसकी शक्ति बनी रहे।गाँव का नाम था सोनपुर। यह जंगल से सटा हुआ छोटा सा गाँव था, जहाँ शाम होते ही दरवाज़े बंद कर लिए जाते थे। सूरज ढलते ही माताएँ अपनी बेटियों को घर के अंदर खींच लेती थीं। किसी के पास इसका कारण