पितृ दोष : मेरे दृष्टिकोण से।पारम्परिक ज्योतिष शास्त्र में पितृ दोष के नाम पर विधि विधान का प्रावधान है, सनातन विचारधारा बरसों से पूर्व जन्म और आने वाले जन्मों में विश्वास रखती है, मृत्यु के बाद व्यक्ति आत्मा के रूप में पितृ लोक ,नाग लोक , वैकुंठ में निवास करता है, ऐसी विचारधारा है, पहले पितृ दोष के कारण जान ले।यह कहा जाता है, कि आपकी कुंडली में अगर १२वे घर में शनि और सूर्य का योग हो, या राहु और सूर्य का योग हो, अथवा १२ वे घर में बैठे सूर्य को शनि या राहु देखते हो ,तो आपकी