यह कहानी पूरी तरह कल्पनिक है।किसी भी वास्तविक व्यक्ति, घटना या स्थान से इसका कोई संबंध नहीं है।फाटक की घटना के बाद गांव में एक अजीब सी शांति थी। लोग सोचते थे कि अब सब खत्म हो गया है, कि शाप कहीं दबी पड़ा है और फिर कभी किसी पर हमला नहीं करेगा। लेकिन बुज़ुर्ग लोग आज भी कहते थे कि कुछ जगहें सिर्फ़ खामोशी नहीं रखतीं, बल्कि वह अपने भीतर दर्द, डर और पुरानी यादें जिंदा रखती हैं। फाटक से थोड़ी दूर एक पुरानी सड़क थी, जिसे दिन में लोग आम रास्ता मानते थे, लेकिन जैसे ही रात होती,