आज दीपावली थी निशा ने भी अपने बच्चों की खुशी के लिए घर में थोड़ी बहुत सजावट की थी, फिर निशा ने शाम को अपने बच्चों और विजय अपनी सास के साथ दीपावली का त्यौहार मनाया,,,,,आज इतने दिनों बाद अपने बच्चों और बीवी के साथ दीपावली का त्यौहार मना कर विजय की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे थे,,,,विजय की मां भी आप अपने पोतों पतियों से बहुत प्यार करती उनके साथ खेलती उन्हें अपने हाथों से तरह-तरह के व्यंजन बना कर खिलाती, अब वह भी किसी भी तरह अपनी गलती का प्रस्ताव पश्चाताप करना चाहती थी,,,,,,आज भैया दूज