इंतेक़ाम - भाग 33

वही रोमी वहीं अस्पताल में रही उसने अपने पिता को भी फोन कर सारा हाल सुना दिया,,,,,उसके पिता भी विजय के एक्सीडेंट की खबर सुनकर अस्पताल पहुंच गए और डॉक्टरों से दिखावा करते हुए कहने लगे मेरे दामाद को कुछ नहीं होना चाहिए जितना पैसा हो मैं लगा लूंगा लेकिन उसकी हालत ठीक हो जाए बस,,,,,वही रोमी के कुछ दोस्त भी वहां पहुंच गए थे, लेकिन विजय को तो बस निशा का इंतजार था,,,,इसी तरह लगभग पांच-छह दिन गुजर गए लेकिन विजय की हालत में नाम मात्र भी सुधार नहीं आया, वह बोलने की कोशिश करता लेकिन जैसे आवाज ही