इंतेक़ाम - भाग 27

तभी निशा की नजर भी विजय और रोमी पर पड़ी फिर निशा ने गुस्से से अपनी नजर दूसरी तरफ कर ली और उद्घाटन के बाद कमेटी अध्यक्ष ने निशा से निवेदन किया कि वह कुछ दो शब्द बोल कर आश्रम की महिलाओं की हौसला अफजाई करें,,,,कमेटी अध्यक्ष के विनती करने पर निशा ने अपने हाथ में माइक लिया, उसने एक बार गुस्से से विजय और रोमी की तरफ देखा और वहां उपस्थित सभी विधवा बेसहारा बेबस लाचार औरतों से कहा कि जिंदगी में बहुत उतार-चढ़ाव आते हैं कभी-कभी जिंदगी हमें ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर देती है जहां हमें