इश्क के साये में - एपिसोड 9

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लड़की ने आरव की तरफ देखा।उस नज़र में पहली बार सुकून था।“क्योंकि अब कोई मुझे देख रहा है…कोई जो मुझे याद रखेगा।”साया तिलमिला उठा।“मोहब्बत?”उसकी आवाज़ ज़हर से भरी थी।“मोहब्बत रूहों को कमज़ोर बना देती है।”“या आज़ाद,”आरव ने कहा।एक तेज़ झटका लगा।फ्रेम की दरार और चौड़ी हो गई।लेकिन इस बार—उसमें से रौशनी निकल रही थी।लड़की ने आरव का हाथ पकड़ा—पहली बार उसका स्पर्श महसूस हुआ।ठंडा नहीं…बल्कि हैरान कर देने वाला सजीव।“अगर यह दरार पूरी खुल गई,”वह बोली,“तो या तो मैं मुक्त हो जाऊँगी…या हमेशा के लिए मिट जाऊँगी।”आरव की आँखें भर आईं।“और तीसरा रास्ता?”वह हल्की-सी मुस्कुराई।“तीसरा रास्ता…सिर्फ़ तब होगा जब तुम