अधूरे इश्क की पूरी दास्तान - 14

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देर रात तक प्रीतम करवटें बदलता रहा पर उसे नींद नहीं आई।    सुबह जब नीलिमा की आंख खुली तो देखा सुमित उसके बिस्तर के पास बैठे बैठे ही सो गया था।उसने धीरे से जगाया, पापा ...पापा आप यहां क्यू सोए हैं?क्या हुआ?   सुमित ने धीरे से आंख खोली और नीलिमा की ओर देखा,कल रात जो भी हुआ वो अभी भी सुमित की आंखों के सामन तेर रहा था,नीलिमा की सुजी हुए आंखे देखकर उसका दिल कांप उठा।   जिस बेटी को उसने आज तक ऊंची आवाज में बुलाया तक नहीं था उसपे उसका हाथ उठा कैसे? ऊपर नीलिमा के शांत