एपिसोड 68 — “सच्चाई के दरवाज़े पर दस्तक”अगली सुबह नूर की नींद हल्के-हल्के सूरज की रौशनी से खुली। आँखें खुलते ही वो मुस्कुराई—कल रात अयान ने जो वादा किया था… उसकी गर्माहट अब भी उसके दिल में थी।लेकिन अगले ही पल उसका दिल घबराया—“अयान ने कहा था, कुछ खास बात करनी है… क्या वो मेरे बारे में होगा? या उसके अतीत के बारे में?”नूर ने खुद को सँभाला।“जो भी होगा… हम साथ संभाल लेंगे।”उधर अयान भी सुबह-सुबह उठा, लेकिन उसकी आँखों में रात भर की बेचैनी साफ झलक रही थी।सच्चाई सामने लाना आसान नहीं था… लेकिन नूर के बिना जीना