एपिसोड 64 — “अतीत की चीखें और अनकहा डर” कहानी — अधूरी खिताब---रात की स्याही ढल रही थी,लेकिन रिया की बेचैनी बढ़ती जा रही थी।अयान के शब्द उसके कानों में गूंज रहे थे—“मेरा अतीत… अगर वापस आया,तो तुम खतरे में पड़ सकती हो।”रीया ने पहली बार महसूस किया किअयान की आंखों में मौजूद वो तूफान सिर्फ गुस्सा नहीं था…कुछ और भी था।कुछ ऐसा, जो उसे अंदर तक हिला सकता था।--- उसी रात — अयान की दुनिया में हलचलअयान एक पुरानी इमारत की छत पर खड़ा था।उसके फोन पर कॉल लॉग खुला था—एक नाम बार-बार चमक रहा था—“रिद्वी…”वही नाम…जिससे वह