मेरे इश्क में शामिल रुमानियत है एपिसोड 65

️ मेरे इश्क़ में शामिल रुमानियत है – एपिसोड 65 ---दरवाज़े पर लगातार चोटें पड़ रही थीं—तेज़, भारी, और बेचैन कर देने वाली।ठक-ठक-ठक!!बारिश की आवाज़ें भी उस शोर को ढँक नहीं पा रही थीं।आरव ने अनन्या को पीछे किया और अपनी उँगली होठों पर रखकर उसे चुप रहने का इशारा किया।उसकी आँखों में अचानक वही पुरानी सख़्ती वापस आ गई थी—वही खतरनाक तेवर जो उसने दबी हुई परतों में छिपा रखा था।आरव:"तुम यहाँ ही रहो। मैं देखता हूँ।"लेकिन दरवाज़ा खुद ही एक ज़ोरदार आवाज़ के साथ खुल गया—धड़ाम!!और अंदर आया…रणवीर।--- 1. हादसा या कोई चाल?रणवीर की साँसें तेज़ थीं, कपड़े गीले,