मेरे इश्क में शामिल रुमानियत है एपिसोड 64

️ मेरे इश्क़ में शामिल रुमानियत है – एपिसोड 64 ---रात गहराती जा रही थी।बाहर हवा का सुर भी शांत पड़ चुका था—लेकिन आरव और अनन्या के दिलों में तूफ़ान और बढ़ चुका था।अनन्या खिड़की के पास खड़ी थी।अंधेरे में उसका चेहरा आधा छिपा था और आधा चाँदनी में डूबा हुआ।आरव कमरे में आया, दरवाज़ा बंद किया और बिना कुछ कहे उसके पीछे जाकर खड़ा हो गया।उसके बिल्कुल करीब।इतना करीब… कि अनन्या की साँसें तेज़ होने लगीं।--- 1. उसकी खामोशी, उसका इकरारआरव:"काफी देर से भाग रही हो मुझसे…किस बात का डर है तुम्हें?"अनन्या पलटी, पर उसकी आँखों में वही समुद्र जैसा