अधुरी खिताब - 61

एपिसोड 61 — “अधूरी खिताब” रात गहरी थी…हवा में हल्की ठंडक, चांदनी खिड़की से कमरे में गिर रही थी।अयान उस रात बिल्कुल भी सो नहीं पा रहा था।दिल में कुछ ऐसा उथल-पुथल चल रहा था जिसे वह खुद भी समझ नहीं पा रहा था।“क्यों… क्यों मैं उसे लेकर इतना बेचैन रहता हूँ…?”उसने खुद से पूछा, पर जवाब उसके पास नहीं था।दूसरी ओर—रिया अपने कमरे में बैठी, सामने खुली डायरी को देख रही थी।सफेद खाली पन्नों पर उसके आँसू चुपचाप गिरते गए।वहीं लिखा था—“अधूरी खिताब… मेरी अधूरी कहानी…”लेकिन उसे लगता था कि अब ये कहानी सिर्फ उसकी नहीं रही।--- सुबह