⭐ एपिसोड 59 — “खून के पन्नों की शुरुआत”कहानी — अधूरी किताबकाँच के टूटने की आवाज़ के बाद कमरे में एक भयानक सन्नाटा छा गया।हवेली की ठंडी हवा भी मानो रुक गई थी।सबकी नज़रें उसी अधूरी किताब पर टिक गई थीं, जो टूटे दर्पण के भीतर से बाहर गिरी थी—जैसे सदियों बाद किसी ने उसका पिंजरा तोड़ दिया हो।निहारिका काँपते हुए किताब के करीब गई।उसके कंधे पर उभरा लाल चिन्ह हल्की-हल्की जलन दे रहा था,मानो हर धड़कन के साथ वह उसे याद दिला रहा हो कि सच अभी खत्म नहीं हुआ…सिर्फ शुरू हुआ है।--- किताब का पहला पन्नाकागज़ पुराने थे,