कहानी — “मेरे इश्क़ में शामिल रुमानियत है” एपिसोड 61---हवेली की हवा अचानक भारी हो गई।जैसे किसी अदृश्य तूफ़ान ने हर दरार को चुपचाप भर दिया हो।रूहानी खड़ी थी…लेकिन वह रूहानी नहीं लग रही थी।उसकी आँखों में पनप रहा अंधेरा ऐसा था जैसे कोई और आत्मा उसके भीतर साँस ले रही हो।अयान ने उसकी तरफ कदम बढ़ाया—“रूहानी… सुन सकती हो मुझे?”लेकिन रूहानी ने हाथ उठाया—एक तेज़ हवा का झोंका अयान को पीछे धकेल देता है।अयान दीवार से टकरा जाता है।शायरी चीख पड़ी—“रूहानी ये क्या कर रही हो?!”रूहानी ने उसकी तरफ देखा—उसकी नज़र इतनी ठंडी थी कि कुछ सेकंड के लिए