: : प्रकरण - 37 : : मैं खुद एक लेखक था. अपने मित्र के अनुभव को याद कर के मैंने एक कहानी लिखी थी. उस की रिस्ट वोच गाड़ी में यात्रा करते समय किसी ने खिंच ली थी. उस को ना जाने क्या सूझा था. हिरो की तरह घडी वाला हाथ खिड़की पर ऱख कर बैठा था, जिस ने चोर का काम आसान कर दिया था. स्प्रिंग वाला पट्टा था जो जरा खिंचने से टूट गया था. और घड़ी