: : प्रकरण -35 : : नानी मा के निर्दय मार से बडे भाई सुखेश का देहांत हुआ था. यह बात मैं कभी भूला नहीं पाता था. शादी को मुश्किल से पांच साल हुए थे. और मेरी मा चल बसी थी. उस के बारे में किसी ने उसे कुछ खिला दिया था. हमारे गाव में एक बुजर्ग रहते थे उस को एक बेटा और बेटी थी. उन की मा भी मेरी तरह चल