मेरे इश्क में शामिल रुमानियत है एपिसोड 60

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 “मेरे इश्क़ में शामिल रुमानियत है” एपिसोड 60रात की खामोशी अब हवेली में सिर्फ एक अहसास नहीं थी—वह किसी तूफ़ान से पहले का ठहराव लग रही थी।अयान, रूहानी और शायरी तीनों जल्दी-जल्दी नीचे वाले हॉल की ओर बढ़े।सीढ़ियों से उतरते ही एक अजीब सी बू हवा में तैर रही थी—खून और धुएँ की मिली-जुली गंध।हॉल के बीचोंबीच एक शरीर पड़ा था।सभी की साँसें रुक गईं—वो नौकर रमेश था…जिसने कुछ दिन पहले ज़ारा के कमरे के दरवाज़े पर कुछ देखा था।उसका शरीर टेढ़ा पड़ा था,आँखें पूरी तरह खुली हुई…और सबसे डरावनी बात—उसकी गर्दन पर नाखूनों जैसे लम्बे, गहरे निशान।रूहानी ने अयान