अधुरी खिताब - 57

  • 729
  • 1
  • 279

एपिसोड 56 — “ख़ून से लिखा पहला अध्याय”रात नदी किनारे बीत चुकी थी…पर आर्या के दिल में उथल-पुथल अब भी बरकरार थी।वह और आर्यन घर लौटे तो आसमान में हल्की भोर की रौशनी उभर रही थी,लेकिन उस रौशनी में भी एक अजीब सी उदासी थी—जैसे दुनिया जानती हो कि आज कुछ बदलने वाला है।आर्या कमरे में दाख़िल हुई।किताब मेज पर पड़ी थी…वैसी ही शांत, वैसी ही रहस्यमयी।पर आज उसमें कुछ अलग था—जैसे कोई उसे भीतर से बुला रहा हो।आर्यन ने चिंतित होकर कहा—“आर्या, मत खोलना इसे… अभी नहीं।”आर्या ने उसकी बात नहीं सुनी।वह मेज के पास गई…उसका हाथ किताब