यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (26).

                   : : प्रकरण - 26 : :         ' कीसी '  के जाने के बाद काजल मेरे करीब आ गई थी. हम लोग भी शाम को साथ ही निकलते थे.         मेरा पगार तो नहीं बढ़ा था. लेकिन मैं बोंड्या के लेवल का था. उसे फर्स्ट क्लास का पास मिलता था, तो मैंने भी फर्स्ट क्लास के पास की डिमांड की थी  जिसे मंजूरी मिल गई थी.         काजल अच्छे परिवार से थी. वह अपने पैसे से फर्स्ट क्लास में ट्रेवल करती थी. हम दोनों