यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (23)

                   : : प्रकरण : : 23        फ्लाइट ने टेक ओफ कर लिया था. और सब लोग घर लौट रहे थे. रात को तीन बज चुके थे. और मुस्कान अब भी रो रही थी.        काफ़ी रात बीत चुकी थी तो परमेश्वर के साले ने हमे ' कीसी' के घर में रोक लिया था.          सोने का तो कोई सवाल नहीं था. सब लोग बातें कर रहे थे.        छह बजे की करीब टेलिफोन की रिंग बज उठी थी. परमेश्वर सुख रूप दुबई