“मेरे इश्क़ में शामिल रुमानियत है” एपिसोड 58---सीढ़ियों के नीचे खड़ी नौकरानी का चेहरा पसीने और खून से भीगा था।उसके हाथ काँप रहे थे, जैसे उसने अभी-अभी कोई ऐसा मंजर देख लिया होजिसे आँखें कभी भूल नहीं पातीं।अयान तेजी से नीचे बढ़ा,पीछे-पीछे रूहानी और शायरी।हवेली की हवा बेहद भारी हो चुकी थी—हर दीवार जैसे डर से हिल रही थी,हर कोना जैसे चीख रहा था।जैसे हवेली किसी अनहोनी का बोझ उठाए खड़ी हो।---⭐ 1. खून से सना हुआ हालजब तीनों नीचे पहुँचेतो हाल के बीचों-बीचएक आदमी पड़ा था।चेहरे पर गहरी खरोंचें…गला नीला पड़ा हुआ…और उसके हाथ में कसकर एक चूड़ी का