मेरे इश्क में शामिल रुमानियत है एपिसोड 57

लाइट जाते ही कमरा बिल्कुल अँधेरे में डूब गया।सिर्फ हवा में एक ठंडा, नुकीला एहसास घूम रहा था —जैसे कोई अदृश्य साँसें उनके बिल्कुल पास से गुजर रही हों।रूहानी ने अयान का हाथ ज़ोर से पकड़ लिया।उसका दिल तेज़ी से धड़क रहा था—पर अयान का हाथ उतना ही सख़्त, उतना ही भरोसेमंद था।अयान धीमी आवाज़ में बोला —“डरना मत… मैं हूँ।”लेकिन उसकी अपनी नज़रें भी अंधेरे में भटक रही थीं।अचानक…शायरी के पीछे की दीवार पर लाल धुँआ उठने लगा।देर नहीं लगी कि उस धुएँ से एक साया बनना शुरू हुआ—लंबी कद वाली महिला…झुका हुआ चेहरा…हाथों में चूड़ियों का टूटने जैसा