अंतरा भाग 2लौटता सवेरा(लेखक – राज फुलवरे)अध्याय एक – खत जो लौट आयामुंबई की हवा में आज कुछ अलग था —अरब सागर की लहरें किनारों से टकरा रही थीं,गेटवे ऑफ इंडिया के पास भीड थी,पर अंतरा के दिल में सन्नाटा.छोटे- से किराए के कमरे में अंतरा अपनी माँ शारदा देवी और छह महीने की बच्ची विल्वी के साथ रहती थी.कमरा छोटा था, पर दीवारों पर विल्सन की तस्वीरें लगी थीं — वही विदेशी फोटोग्राफर, जिसने पहली बार उसे कैमरे में कैद किया था, और फिर दिल में.वह कपडे सुखा रही थी, तभी दरवाजे पर दस्तक हुई.> पोस्टमैन: अंतरा मिश्रा? आपका