The Risky Love - 36

खंजर काला पड़ गया..चेताक्क्षी बेबस सी ये सब देखते हुए बेहोश हो गई थी...... अब आगे.........विवेक अदिति को लेकर मंदिर में पहुंचता है , , अमोघनाथ जी और देविका भोलेनाथ के सामने बैठे प्रार्थना कर रहे थे , , जैसे ही कदमों की आहट महसूस हुई देविका जी तुरंत मुड़कर देखती है , ,..." विवेक , ... अदिति...." देविका जी जल्दी से तख्त पर कपड़ा बिछाकर कहती हैं....." इसे यहां लेटा दो...." उसके बाद देविका जी उसके पीछे देखते हुए कहती हैं...." आदित्य कहां है...?..."विवेक अदिति को तख्त पर लेटाता हुआ कहता है....." भाई , चेताक्क्षी के साथ है , ,