तेरे नाम

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तेरे नाम अध्याय 1 – राधे की दुनियाकैंपस की गलियों में अगर किसी का नाम सबसे पहले लिया जाता था, तो वह था राधे। उसका नाम सुनते ही सहपाठियों की धड़कनें तेज़ हो जातीं। उसका अंदाज़ ऐसा था कि हर कोई उससे डरता, लेकिन मन ही मन उसकी दबंगई का लोहा भी मानता था।राधे की चाल में एक अकड़ थी। वह जहाँ से गुज़रता, सबकी नज़रें उसी पर टिक जातीं। उसके माथे पर बिखरे बाल, कंधे पर तौलिया और आँखों में जलती आग—यही उसकी पहचान थी।लेकिन यह सख़्त और जिद्दी चेहरा भीतर से उतना मज़बूत नहीं था। राधे की ज़िंदगी में