भारत की रचना - 20

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भारत की रचना / धारावाहिक बीसवां भाग       भारत कभी सोचता कि रचना के बारे में ज्योति से पूछा जाए, ज्योति से पूछकर रचना के बारे में समस्त जानकारी ली जा सकती है. परन्तु फिर यह सोचकर कि, वह टाल जाता कि, न मालुम उसके इस प्रकार से पूछताछ करने पर ज्योति खुद उसके बारे में न जाने क्या-से-क्या सोचे? रचना के बारे में इस तरह से पूछताछ करना ठीक भी हो अथवा नहीं? भारत इसी तरह से सोचना आरम्भ करता, तो सोचते-सोचते कब कॉलेज का अंतिम घंटा भी घन-घनाकार शांत हो जाता, उसे पता ही नहीं चलता. विद्द्यार्थी