--- वो शुरुआत… जो तक़दीर ने लिखी थी कॉलेज का पहला दिन…Pihu हल्की-सी घबराहट और मासूमियत के साथ क्लासरूम में दाख़िल हुई।चेहरे पर सादगी, आँखों में ख्वाब…वो बिल्कुल अकेली थी।“Excuse me… seat खाली है?”उसने धीमी आवाज़ में पूछा।सामने बैठी एक चंचल लड़की ने हँसते हुए कहा —“हाँ हाँ आओ बैठो। मैं Rima हूँ।”उस एक मुस्कान ने Pihu का सारा डर मिटा दिया।क्लास ख़त्म होते-होते दोनों साथ-साथ बातें करने लगीं।शाम होते-होते ऐसा लगा जैसे सालों की दोस्ती हो।Hostel की balcony पर Rima ने अचानक कहा —“Pihu… अब से तुम मेरी सबसे बेस्ट फ्रेंड हो।”Pihu हँस पड़ी और बोली —“पक्का?”“ज़िंदगी भर के