पहली मुलाकात - अध्याय 3

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अध्याय 3 – अनजाने रास्तेतीसरा दिन मुकुंद के लिए कुछ अलग ही था। सुबह हॉस्टल की घंटी और गलियारों की चहल-पहल ने उसे जगा दिया। जल्दी तैयार होकर वह क्लास के लिए निकल पड़ा।Lecture hall में प्रोफेसर ने अचानक test की घोषणा कर दी। सभी students हल्के से परेशान हो उठे। मुकुंद के लिए यह किसी challenge से कम नहीं था—गाँव से आए इस लड़के को अब यह साबित करना था कि वह इस नामी कॉलेज का हिस्सा बनने लायक है।उसने पूरे ध्यान से प्रश्न हल किए। शुरुआत में nervousness थी, लेकिन धीरे-धीरे confidence बढ़ने लगा। test खत्म होने पर