अतीत से जुड़े पहलु. 2अब आगे.........गामाक्ष हकलाते हुए कहता है..." त तुम ..ये क्या कर रहे हो...?..."दूसरी तरफ से काफी गुस्से वाली आवाज आती है....." दूसरों के घरों में बेवजह घुमना अच्छी बात नहीं होती , !गामाक्ष दूर से आ रही एक चमकदार रोशनी को देखते हुए कहता है...." ये क्या चीज़ है , कोई दीपक या मशाल तो नहीं लगती.... बोलो विरूनाभ , तुम आंधी रात को क्या क्रिया कर रहे हो....?.."विरूनाभ दांतों को भिंचते हुए कहता है...." तुम चुपचाप यहां से चले जाओ , नहीं तो मैं तुम्हें मारकर खा जाऊंगा..." तभी उस जलती हुई रोशनी में से आवाज़