नेहरू फाइल्स - भूल-98-99

भूल-98 ‘लोकतंत्र’ नेहरू की देन?—असत्य है आपको यदा-कदा ही ऐसे लोग मिलेंगे, जो नेहरू का विरोध करने का प्रयास करें और आपको याद दिलवा दें कि ऐसा सिर्फ नेहरू के लोकतंत्र की ही बदौलत है, जिसका आनंद आज सभी भारतीय लूट रहे हैं और इसमें उनकी आलोचना करना भी शामिल है। क्या यह विरोधाभास जमता है? अंग्रेजों के राज में भी भारत में चुनाव होते थे। कांग्रेस ने सन् 1937 में हुए चुनावों में न सिर्फ जीत हासिल की, बल्कि कई राज्यों में तो मंत्रिमंडल का भी गठन किया। चुनावों के बाद हाथ में सत्ता आने के चलते वे इतने अधिक भ्रष्ट हो