यशस्विनी - 10

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              इसके बाद यशस्विनी ने साधकों से भी इस योग का अनुसरण करने के लिए कहा और प्रणाम आसन के बाद दूसरे चरण में सांस खींचते हुए अपने दोनों हाथों को शरीर से पीछे की ओर उठाकर ले जाते हुए हस्त उत्तानासन मुद्रा धारण किया। उसने बताया कि यह शरीर की स्ट्रेचिंग है और एक तरह से यह वार्मअप वाली स्थिति है।जब श्वास छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुकते हुए पादहस्तासन की मुद्रा में हाथों से पैरों की अंगुलियों को छूने की बारी आई तो अनेक साधक गड़बड़ा गए।स्वयं रोहित को पूरी तरह से