भूमिका मेरी आयु 80 पार हो चुकी है मै अपनी आयु के अंतिम आयुखंड मे हूँ मुझे नाम यश या धन मे रुचि नहीं है ऐसे मे मेने अपने सबसे प्रिय विषय मेरे सद्गुरुदेव रमण महर्षि की जीवनी से लोगों का परिचय कराना चाहता हूँ मै बचपन से अध्यात्म मे रुचि रखता हूँ अतः मै एसे गुरु की तलाश मे था जो सिद्ध हो व मुझे दिव्य अनुभव करा सके धर्म की कथा कहानिया व भजन सुनाने वाले तो लाखो लोग मिल जाएगे किन्तु परमात्मा की दिव्यअनुभूति करने वाला लाखो करोड़ों मे कोई एक