में और मेरे अहसास - 123

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जीवन एक खिलौना हैं l पल में हसना रोना हैं ll   सदाक़त की राह पर चल l अच्छे कर्मो को बोना हैं ll   सोचा मत कर भाग्य में l जो लिखा है वो होना हैं ll   सुख दुःख का बिछौना l ढाई किलो को ढोना हैं ll   एक दिन आएगा की l सदा के लिए सोना हैं ll १६-३-२०२५    जिंदगी की अनकही दास्तान अनकही रहने दो l दर्द एकतरफ़ा मोहोब्बत का अकेले ही सहने दो ll   रोज रोज बार बार एक ही सवाल ना पूछा करो l ना बुलाओ कोई यू खामोशी का चौला