स्वयंवधू - 44

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इसमें हिंसा, खून-खराबा और कुछ ज़बरदस्ती के रिश्ते हैं। पाठकों, यदि आप आघात नहीं चाहते तो इसे छोड़ दें।कंपनी के अंदरपिछली कहानी में समीर ने उसे अपने अधीनस्थ कंपनी की बैलेंस शीट के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया और उसे उससे छीन लिया और उसी समय वहाँ नीरज और राघव कमरे में दाखिल हुए और समीर के हाथ में कागज देखकर समीर के बगल खड़े हो गए। अब आगे,तीनो उसे शिकारी की तरह अपनी नज़रो से चीर रहे थे।वह डरी हुई पछता रही थी।उसने अपना सिर नीचे कर लिया और अपनी हाथों को खरोंचते हुए, "मुझे पता है कि मैंने