भाग 5 – आपसी मनमोटाव किंजल - हम्म, बात तोह तेरी सही है लेकिन यार हमारे भी तो कुछ सपने है, हम भी बहार जाना है, दोस्त बनाना चाहते है, घूमना चाहते है... ऐसे घर में कैद नहीं रहना चाहते। मीठी - लेकिन दादी और माँ को यह पसंद नहीं। किंजल थोड़ा गुस्सा होके - यार यह भी कोई बात हुई, अरे किसी और की वजह से हम क्यों अपने सपनो का गाला घोटे। सब हम ही क्यों सहन करे, क्यों एक लड़की को आज़ाद घूमने का हक़ नहीं, क्यों एक लड़की को अपने सपने पुरे करने का अधिकार नहीं, क्यों एक लड़की