Kurbaan Hua - Chapter 10

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सपने और हकीकत की उलझनसुषमा मासी ने जैसे ही दरवाजा खोला, उनका दिल जोर से धड़क उठा। सामने जो शख्स खड़ा था, उसे देखते ही उनके चेहरे का रंग उड़ गया। कुछ पलों तक तो वो बस टकटकी लगाए देखती रह गईं, मानो यकीन न कर पा रही हों कि ये सच में हो रहा है। उन्होंने ध्यान से देखा, तो पाया कि यह कोई और था—किसी अजनबी की शक्ल संजना के डैड से काफी मिलती-जुलती थी, लेकिन वो नहीं थे।सुषमा मासी की घबराहट थोड़ी कम हुई, लेकिन दिमाग में सवाल घूमने लगे—आखिर यह इंसान कौन है? और यहां क्या