हरिसिंह हरीश की कविताएं व समीक्षा मेरा खत न मिलने पर 3 हरि सिंह हरीश एक कर्मठ कवि थे। अपनी हैसियतों के भीतर लिखने वाले। अपने शब्दकोश के भीतर लिखने वाले और विषय के दायरे में भी लगभग सीमित रहने वाले। उनका मुख्य विषय था प्रेम और प्रेम। जब विषय रखेंगे तो प्रेमिका भी आएगी। प्रेमिका की याद भी आएगी। मिलन भी आएगा और मिलन के क्षणों की हरकतें भी याद आएंगे। प्रेमिका से उलझना भी याद आएगी। उनके द्वारा कविता और उपन्यास लिखने का काम पूजा की तरह किया जाता था। सुबह 6:00 बजे जाग जाते और लिखना शुरू